Advertisment

Jabalpur News: नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता संबंधी नए नियमों पर आपत्ति, एमपी हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े मामले मप्र सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के विरुद्ध  उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई । जिसें स्वीकार करते हुए इस मामले की न्यायालय में सुनवाई हुई । 

New Update
निर्वाचन आयोग ने हाईकोर्ट को बताया: MP में तीसरी लहर का खतरा टलने के बाद ही निकाय चुनाव

जबलपुर । इस संबंध में एडवोकेट विशाल बघेल ने बताया कि नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े मामले की जो पूर्व याचिका थी, उसी में संशोधन के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया था, जिसे हाई कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है।

Advertisment

एडवोकेट विशाल बघेल ने बताया कि जिन नियमों के खिलाफ हमने चुनौती दी थी, उन्हीं नियमों को सरकार ने बदल दिया है । मध्य प्रदेश में नर्सिंग कॉलेज को मान्यता देने के संबंध में 2024 में जो नियम प्रकाशित हुए हैं, उनमें बहुत सारी विसंगतियां हैं। इसी आधार पर उच्च न्यायालय द्वारा आवेदक को स्वीकार करते हुए संशोधन की अनुमति दे दी गई थी ।

किराए की बिल्डिंग में फिर चलने लगे कॉलेज 

एडवोकेट विशाल बघेल ने आज गुरुवार 21 मार्च को बताया कि उच्च न्यायालय में जब इस मामले की सुनवाई हुई तो उन्होंने आपत्ति दर्ज कराते हुए बताया कि सरकार द्वारा बनाए गए नए नियमों में कॉलेजों के इंफ्रास्ट्रचर को 8 हजार स्वेक्वर फीट कर दिया गया है ।

Advertisment

जबकि पूर्व नियमों मेें सरकार एवं आईएनसी की गाईडलाइन के अनुसार कॉलेजों के इंफ्रास्ट्रचर 20 हजार से 22 हजार स्वेक्वर फीट थे और ऐसे कई प्रावधान थे जिससे फैकल्टी डूप्लीकेसी और बाकी गड़बडिय़ां रोकी जा सकी । इसके अलावा कॉलेजों को फिर से किराए की बिल्डिगों में चलाए जाने की परमीशन दी जा रही है ।  

अगली सुनवाई से पहले मांगा जवाब 

उच्च न्यायालय के निर्देश पर सीबीआई द्वारा जांच में 300 में से 66 कॉलेज गड़बड़ चले रहे थे, जिसमें से कुछ सरकारी कॉलेज भी हैं । श्री बघेल ने  बताया कि मप्र सरकार अब इन्ही कॉलेजों को बेकडोर एंट्री देने के लिए नए नियम बना दिए हैं । उच्च न्यायालय द्वारा अगली सुनवाई से पहले सरकार को जवाब देने के लिए कहा गया है । और इसके पहले इन नियमों को लागू नहीं करने के निर्देश दिए गए है । अब इस मामले की सुनवाई अब आगामी 2 अप्रैल को हैं ।

Advertisment